Jab Saamana Hua Us Bedard Hindi Dard Bhari Shayari No comments जब सामना हुआ उस बेदर्द से, मुझसे मेरा दिल सवालात् करने लगा, कहता है, क्या यही है वो जिसके लिये तुने मुझे बेगाना कर दिया?? मैने कहा, अरे मेरे जिगर के टुकडे, तु भी तो उस बेदर्द को देख रूक सा जाता था.. Share This: Facebook Twitter Google+ Stumble Digg
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